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कानपुर में ₹2.66 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में दो गिरफ्तार, 31 बैंक खातों से जुड़ी सामग्री बरामद

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ऑनलाइन निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देने का आरोप, पुलिस को संदिग्ध खाते से जुड़ी 38 शिकायतों की जानकारी मिली

लोक भारती न्यूज ब्यूरो 

कानपुर नगर। ऑनलाइन निवेश के नाम पर 2 करोड़ 66 लाख 22 हजार रुपये की कथित साइबर धोखाधड़ी के मामले में कानपुर कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका संदिग्ध बैंक खातों और धनराशि के लेन-देन से जुड़ी मिली। एक आरोपी के पास से मोबाइल फोन, 22 एटीएम कार्ड, 27 चेकबुक, 19 पासबुक और पांच फर्मों की मुहरें बरामद की गई हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद बैंकिंग सामग्री 31 बैंक खातों से संबंधित है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को 15 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। मामले में अन्य व्यक्तियों की भूमिका और कथित साइबर नेटवर्क के विस्तार की जांच की जा रही है।


व्हाट्सऐप पर संपर्क कर निवेश का दिया गया झांसा

पुलिस के अनुसार, जाजमऊ निवासी मोहम्मद अहमद लारी ने शिकायत में बताया कि उनसे ‘Finsol Private Limited’ नामक निवेश प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपर्क किया गया था। शिकायत के मुताबिक, ‘अनन्या कुलकर्णी’ नाम से संपर्क करने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों ने व्हाट्सऐप के जरिए निवेश योजनाओं की जानकारी देकर अधिक मुनाफे का प्रलोभन दिया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि निवेश प्लेटफॉर्म पर उनके खाते में 9,74,81,459.78 रुपये का लाभ प्रदर्शित किया गया। इससे उन्हें निवेश पर भारी मुनाफा होने का भरोसा हुआ। जब उन्होंने यह धनराशि निकालने का प्रयास किया तो कथित तौर पर टैक्स, सत्यापन शुल्क और निकासी शुल्क सहित विभिन्न मदों में अतिरिक्त रकम जमा करने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, पहले रकम जमा करने के बावजूद उन्हें पैसा वापस नहीं मिला और बाद में करीब 30 लाख रुपये और जमा करने की मांग की गई।

पुलिस के मुताबिक, इस तरह ऑनलाइन निवेश के नाम पर शिकायतकर्ता को 2,66,22,000 रुपये की कथित आर्थिक क्षति हुई। मामले में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर 5 और 6 अक्टूबर 2026 को दो शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इसके बाद साइबर क्राइम थाने में मुकदमा संख्या 61/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।

बैंक खाते में छह लेन-देन के जरिए आए 13.50 लाख रुपये

पुलिस की जांच में ‘Sadbhavna Solution Pvt. Ltd.’ नामक फर्म का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में संचालित खाता सामने आया। पुलिस के अनुसार, यह खाता सरताज सिंह चौहान और उनके पुत्र प्रफुल्ल सिंह चौहान के नाम से संयुक्त रूप से खोला गया था। खाते के संचालन में अखिल सिंह चौहान की भूमिका की जानकारी भी जांच में सामने आई।

पुलिस का कहना है कि 3 अगस्त 2026 को इस खाते में छह अलग-अलग लेन-देन के माध्यम से कुल 13.50 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। इन लेन-देन की पड़ताल के दौरान अखिल सिंह चौहान और सतेन्द्र यादव उर्फ टोनी की कथित भूमिका सामने आने पर दोनों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अखिल सिंह चौहान पुत्र सरताज सिंह चौहान, निवासी अहिरवां, थाना चकेरी, कानपुर नगर, और सतेन्द्र यादव उर्फ टोनी पुत्र स्वर्गीय संतराम यादव, निवासी सफीपुर सेकेंड कॉलोनी, रामादेवी चौराहा, थाना चकेरी, कानपुर नगर के रूप में हुई है।


38 शिकायतों में सामने आया संदिग्ध खाते का नाम

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान संबंधित बैंक खाते के संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर कुल 38 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली। इनमें से आठ शिकायतों के संबंध में अलग-अलग राज्यों में एफआईआर दर्ज होने का विवरण प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, 19 शिकायतों की जांच में इस बैंक खाते के माध्यम से करीब 22 करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब इन लेन-देन के स्रोत, गंतव्य और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में विवेक रॉय नामक व्यक्ति का भी उल्लेख सामने आया है। पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर बैंक खातों की व्यवस्था कराने, उन्हें अन्य लोगों तक पहुंचाने और कमीशन के बदले इस्तेमाल किए जाने की आशंका की पड़ताल की जा रही है। कुछ मामलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कथित फर्जी सेबी पत्र तैयार कर लोगों का भरोसा जीतने या उन पर दबाव बनाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।

मोबाइल फोन और बैंकिंग सामग्री बरामद

पुलिस के अनुसार, अखिल सिंह चौहान के पास से एक पोको एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 22 एटीएम कार्ड, 27 चेकबुक, 19 पासबुक और पांच फर्मों की मुहरें बरामद हुई हैं। वहीं, सतेन्द्र यादव उर्फ टोनी के कब्जे से एक एप्पल आईफोन 14 प्रो बरामद किया गया है।

बरामद सामग्री और मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, ताकि कथित साइबर धोखाधड़ी में इनके इस्तेमाल और अन्य लोगों से संपर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा सके।

कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर क्राइम थाना प्रभारी अभय प्रताप सिंह, निरीक्षक कमलापति यादव, उपनिरीक्षक सद्दाम खान, विनोद यादव, हरेंद्र सिंह, रवि शंकर और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।


पुलिस ने ऑनलाइन निवेश में सतर्क रहने की अपील की

कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म या योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता और वैधानिक स्थिति की स्वतंत्र रूप से जांच करें। व्हाट्सऐप या सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की ओर से असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का लालच दिए जाने पर सावधान रहें।

पुलिस ने यह भी कहा कि रकम निकालने के लिए अलग से टैक्स या शुल्क जमा करने का दबाव संभावित साइबर धोखाधड़ी का संकेत हो सकता है। लोगों को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, ओटीपी और यूपीआई पिन की जानकारी किसी से साझा नहीं करनी चाहिए और न ही अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने देना चाहिए।

 

 

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